प्रयागराज | समाजवादी पार्टी (सपा) ने फूलपुर लोकसभा सीट से अमरनाथ मौर्य को प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
समाजवादी पार्टी ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की छठी लिस्ट रविवार को जारी की जिसमें सात उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कि उसमें फूलपुर सीट के लिए अमरनाथ मौर्य का नाम शामिल है। कांग्रेस ने अभी तक इलाहाबाद सीट से अपने उम्मीदवार के नाम की घोषणा नहीं की है। उज्ज्वल रमण ंिसह सपा से निकल कर हाल ही में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की है। राजनीतिक गलियारों में उनके ही चुनाव लड़ने की प्रबल संभावना है लेकिन आधिकारिक तौर पर इसकी घोषणा नहीं हुई है। भाजपा ने दो दिन पहले ही फूलपुर सीट से प्रवीण पटेल को और इलाहाबाद सीट से नीरज त्रिपाठी को प्रत्याशी घोषित कर चुकी है।
लोकसभा चुनाव में सपा और कांग्रेस के गठबंधन के चलते इलाहाबाद लोकसभा सीट कांग्रेस के खाते में है जबकि फूलपुर सीट सपा के खाते में है। अमरनाथ ने 1995 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सदस्यता ग्रहण की। 1996 में बसपा की सरकार बनने पर जनसंपर्क अधिकारी के रूप में कार्य किया। वर्ष 2002 में शहर पश्चिमी से माफिया अतीक अहमद के खिलाफ बसपा के टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा था, जिसमें इन्हें लगभग 24 हजार मत मिले थे।
वर्ष 2010 में अमरनाथ मौर्य फूलपुर संसदीय क्षेत्र से जिला सहकारी बैंक के निर्विरोध अध्यक्ष चुने गए। बाद में 2016 में भाजपा की सदस्यता ग्रहण करने के बाद 2018 में दोबारा जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष चुने गए।
अमरनाथ मौर्य 2022 में सपा में शामिल हो गए। पार्टी ने शहर पश्चिमी से इनको प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन पर्चा भरने के बाद उनका टिकट अचानक काटकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष डॉ. ऋचा ंिसह को उम्मीदवार बना दिया था।
राजनीतिज्ञों का मानना है कि सपा ने विशेष जाति समीकरण को देखते हुए अमरनाथ पर अपना भरोसा जताया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता पहले ही कह चुके थे कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) यहां से पटेल उम्मीदवार खड़ा करती है तो उनका उम्मीदवार मौर्य ही होगा। अगर भाजपा किसी मौर्य का चयन करती तो सपा यहां से किसी पटेल उम्मीदवार को ही खड़ा करेगी।