मुरादाबाद | उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में लोग ' मन की बात नहीं’ संविधान की बात सुनना चाहते हैं।
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष ने रविवार को संभल लोकसभा क्षेत्र के बिलारी में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम से हवा पलटने की भनक लगते ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सुर भी बदल गए हैं। दावा किया कि 400 पार का नारा देने वाली भाजपा पहले चरण के मतदान के बाद से उक्त नारा भूल गई हैक्योंकि तीसरे चरण के मतदान में किसी भी सीट पर भाजपा प्रत्याशी जीत नहीं रहे हैं।
श्री यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पेपर लीक हो गए जिससे 60 हजÞार युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिर गया।अग्निवीर योजना से भी युवाओं में सरकार से नाराजÞगी हैं। इससे सभी सीटों पर भाजपा का दो लाख 25 हजÞार वोट कम हो गया। केंद्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के भाजपा के भरोसे का क्या हुआ? आय दोगुनी तो नहीं हुई फÞसल की सही कीमत भी नहीं मिली। डीजल, पेट्रोल ,खाद, कीटनाशक दवाई और बिजली महंगी जरुर हो गई। प्रति बोरी यूरिया घटाकर किसान सम्मान निधि देने का औचित्य भी समझ से परे है।
श्री यादव ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों का कर्ज माफ करने में देरी नहीं करती। इंडिया गठबंधन की सरकार बनने पर किसानों का कर्ज माफ करेंगे। सपा प्रमुख ने कहा कि किसान की खुशहाली के बगैर विकसित भारत की कल्पना बेमानी है।
संभल संसदीय सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) गठबंधन के प्रत्याशी पूर्व सांसद मरहूम शफीकुर्रहमान बर्क के पौत्र व कुंदरकी विधानसभा सीट से सपा विधायक जियाउर्रहमान बर्क प्रत्याशी हैं। गौरतलब है कि संभल लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) से सांसद शफीकुर्रहमान बर्क (94) को गठबंधन प्रत्याशी बनाया था। अचानक उनके निधन के बाद उनके पौत्र जियाउर्रहमान बर्क को लोकसभा प्रत्याशी बनाया है। यहां सात मई को तीसरे चरण के लिए मतदान होना है।
मुरादाबाद मंडल के संभल की लोकसभा सीट में मुरादाबाद विधानसभा की दो सीटें कुंदरकी और बिलारी शामिल हैं।