इटावा | इटावा संसदीय सीट पर किसी भी उम्मीदवार के लगातार जीतने का एक ऐसा रिकार्ड दर्ज है जिसको आज तक कोई दूसरा पूरा नहीं कर सका है।
आजादी के बाद 1952 से अब तक हुए संसदीय चुनाव में केवल रघुराज ंिसह शाक्य ही एक ऐसे उम्मीदवार है,जिन्होंने संसदीय चुनाव में लगातार जीत हासिल की है। समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार के रूप में रघुराज ंिसह शाक्य ने 1999 ओर 2004 में जीत हासिल की है।
रघुराज ंिसह शाक्य के रिकॉर्ड की बराबरी करने की दावा पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री भाजपा सांसद प्रो राम शंकर कठेरिया कर रहे है। समाजवादी पार्टी की अंतर कलह उनकी दुबारा जीत का रास्ता जरूर खोलेगी ऐसा उन्हें पूर्ण भरोसा है।
वरिष्ठ पत्रकार वीरेश मिश्रा चुनाव आयोग के आकड़ो का हवाला देते हुए बताते है कि इटावा संसदीय सीट पर समाजवादी पार्टी के रघुराज ंिसह शाक्य शाक्य 1999 में पहली दफा चुनाव मैदान में उतरे जहा शाक्य को जीत हासिल हुई है। रघुराज को 233062 वोट मिले वही उनके निकटतम विरोधी बहुजन समाज पार्टी के शिव प्रसाद यादव को 149382 वोट हासिल हुए जबकि भाजपा की सुखदा मिश्रा को 144526 वोट से संतोष करना पड़ा।
2004 में इटावा लोकसभा सीट से सपा के रघुराज ंिसह शाक्य सांसद चुने गए । रघुराज शाक्य ने 3 लाख 67 हजार 807 वोट पाकर बड़े अंतर से जीत हासिल की थी जबकि भाजपा की सरिता भदौरिया 1 लाख 77 हजार 650 वोट के साथ दूसरे स्थान पर रहीं थी। वहीं बसपा के सुधींद्र भदौरिया 1 लाख 30 हजार 43 वोट के साथ तीसरे नंबर पर थे।
रघुराज ंिसह शाक्य को सपा महासचिव और जसवंतनगर विधायक शिवपाल ंिसह यादव का बेहद करीबी माना जाता रहा है। 2012 में उत्तर प्रदेश विधानसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने इटावा विधानसभा सीट से रघुराज ंिसह शाक्य को पहली दफा चुनाव मैदान में उतारा गया । इस चुनाव में रघुराज ंिसह शाक्य को बसपा के महेंद्र ंिसह के मुकाबले जीत मिली। 2022 विधानसभा चुनाव में इटावा सदर सीट से अपनी दावेदारी खारिज किए जाने के बाद रघुराज ंिसह शाक्य ने समाजवादी पार्टी से त्यागपत्र देकर के भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली, उनको विधानसभा चुनाव में तो किस्मत आजमाने का मौका नहीं मिला लेकिन जब मुलायम ंिसह यादव का 10 अक्टूबर 2022 को निधन हुआ तो उनके निधन के बाद रिक्त हुई मैनपुरी संसदीय सीट के उपचुनाव में बहू ंिडपल यादव के मुकाबले रघुराज ंिसह शाक्य को भारतीय जनता पार्टी में अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। मुलायम ंिसह यादव के निधन के बाद मिली सहानुभूति की बदौलत ंिडपल यादव को रघुराज ंिसह शाक्य के मुकाबले करीब 288000 मतों से जीत हासिल हुई।
भाजपा सांसद उम्मीदवार प्रो. रामशंकर कठेरिया ऐसा दावा करते हैं कि उनकी जीत में कोई अवरोध नहीं है,उनकी जीत कम से कम 3 लाख के आसपास वोटो से हर हाल में होगी । अपनी जीत के पीछे प्रो. कठेरिया ऐसा बताते हैं कि मोदी और योगी सरकार की योजनाएं उनकी जीत में बड़ी सहायक साबित होगी। उनके मुकाबले समाजवादी पार्टी और बसपा के उम्मीदवार बेशक चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं लेकिन वह प्रभावित नजर नहीं आ रहे हैं इसलिए उनकी जीत हर हाल में लगातार होगी।