पिथौरागढ़/नैनीताल | चीन सीमा से सटे पिथौरागढ़ जिले के 25 गांवों के ग्रामीणों और प्रशासन के बीच बैठक बेनतीजा रही। ग्रामीण आम चुनाव के बहिष्कार पर अडिग हैं।
मुनस्यारी विकास खंड के सीमांत 25 गांवों के ग्रामीणों द्वारा मुनस्यारी के बलाती फार्म और खलिया टॉप से भारतीय सेना को हटाये जाने की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि मानव हस्तक्षेप से यहां के प्राकृतिक संसाधन को खतरा है। सेना के अलावा अन्य सरकारी महकमे भी यहां अपनी गतिविधियां बढ़ाने में लगे हैं। यह भी आरोप है कि ग्रामीण वर्ष 1991 से यह मांग करते आ रहे हैं लेकिन शासन और प्रशासन की ओर से उनकी अनदेखी की गयी।
इसके बाद ग्रामीणों ने कुछ दिन पहले आम चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया। मुनस्यारी के सरमोली के जिला पंचायत सदस्य जगत ंिसह मर्तोलिया के अनुसार 25 गांवों के लगभग 12000 ग्रामीणों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया है।
प्रशासन को जब इसकी भनक लगी तो जिला निर्वाचन अधिकारी रीना जोशी की ओर से मुनस्यारी के तहसीलदार चंद्र प्रकाश आर्य की अगुवाई में ग्रामीणों की एक बैठक आहूत की गयी। बैठक में वन और उद्यान विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
जिला पंचायत सदस्य श्री मर्तोलिया ने बताया कि आज बैठक बेनतीजा रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बैठक में न सेना के अधिकारी और न ही जिलास्तर का कोई अधिकारी मौजूद रहा। इसलिये कोई आम सहमति नहीं बन पायी।
इससे ग्रामीणों की नाराजगी और बढ़ गयी। श्री मर्तोलिया ने कहा कि ग्रामीण अभी भी चुनाव बहिष्कार पर अडिग हैं। अब तय किया गया कि जिला निर्वाचन अधिकारी की अगुवाई में पिथौरागढ़ में बैठक आयोजित की जायेगी।
यह भी तय किया गया कि इस पूरे प्रकरण पर एक रिपोर्ट तैयार कर जिलाधिकारी के समक्ष रखी जायेगी। साथ ही इस क्षेत्र के भूगर्भीय सर्वेक्षण के लिये तहसीलदार की ओर से जिलाधिकारी को पत्र भेजा जायेगा।
ग्रामीणों की मांग है कि बैठक में सेना के अधिकारियों को भी बुलाया जाये। जोहार क्लब और स्थानीय व्यापार संघ के अध्यक्ष क्रमश: केदार ंिसह मर्तोलिया एवं प्रमोद कुमार द्विवेदी ने कहा कि यह संवेदनशील मुद्दा है। इसका हल निकाला जाना चाहिए।
बैठक में सरमोली, सुंिरग, दरकोट धापा, क्वीरीजिमिया के ग्राम प्रधानों के अलावा होटल एसोसिएशन के पदाधिकारी मौजूद रहे।