हैदराबाद | तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पुलिस ने भीख मांगने वाले रैकेट को सफलतापूर्वक समाप्त कर 23 भिखारियों को बचाया है।
आयुक्त कार्यालय के तहत वेस्ट जोन टास्क फोर्स टीम, हैदराबाद की मानव तस्करी विरोधी इकाई (एएचटीयू), जुबली हिल्स पुलिस, स्थानीय गैर सरकारी संगठनों और ‘स्माइल प्रोजेक्ट’ के नेताओं के सहयोग से विभिन्न चौराहों से 23 भिखारियों को बचाने में कामयाब रही और गुरुवार को भिखारियों के सरगना, कर्नाटक में गुलबर्गा के फतेहनगर निवासी अनिल पवार को भी पकड़ लिया।
शनिवार को जारी एक पुलिस विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस मामले के आरोपी कर्नाटक के गुलबर्गा के रहने वाले रामू, रघु, धर्मेंद्र सहित कई अन्य व्यक्ति अभी भी फरार है। विज्ञप्ति के अनुसार जांच करने पर पता चला कि अनिल पवार और अन्य फरार व्यक्ति ताड़बुन से हाईटेक सिटी के लिए फैले विभिन्न यातायात चौराहों पर भीख इकट्ठा करने के लिए अपने समुदाय के कमजोर लोगों , जैसे गरीब महिलाओं, नाबालिग बच्चों, विधवाओं और शारीरिक रूप से विकलांगों का शोषण कर रहे थे।
पुलिस ने बताया कि अनिल पवार शहर के विभिन्न चौराहों पर बच्चों को नशीले पदार्थ मुहैया कराते थे। राहगीरों से सहानुभूति पाकर उनसे भीख मांगते थे। अभियान के दौरान, भिखारियों को विभिन्न स्थानों पर ले जाने के लिए इस्तेमाल किए गए आठ दोपहिया वाहनों को जब्त किया गया।
इन भिखारियों को दैनिक मजÞदूरी के रूप में मात्र 200 रुपये का भुगतान किया जाता था।