उपपा के केंद्रीय अध्यक्ष पी सी तिवारी ने यहां जारी एक बयान में कहा कि उपपा इस चुनाव को राज्य की अवधारणा को साकार करने का इरादा रखने वाली तमाम संघर्षशील शक्तियों, सामाजिक बदलाव की ताकतों से विचार विमर्श कर उन्हें एकजुट करने का प्रयास करेगी।
उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि राज्य बनने के बाद हिमालयी राज्य में बदहाली, बेरोजगारी, प्राकृतिक संसाधनों, जमीनों, व्यवसायों पर तेजी से हो रहे पूंजीपतियों, माफियाओं व प्रभावशाली लोगों की लूट के खिलाफ एक सशक्त राजनीतिक आंदोलन खड़ा हो और इसके लिए समान विचार धारा के लोगों को एकजुट करना होगा।
उपपा अध्यक्ष ने कहा कि पिछले 23 वर्षों से उत्तराखंड में राज करने वाली राष्ट्रीय पार्टियां व उनके साझेदारों ने इस राज्य को कितना खोखला, बदहाल, मजबूर कर दिया है, वह किसी से छिपा नहीं है और इस बात को जनता जानती है कि उपपा इन जनविरोधी ताकतों से दृढ़ता से लगातार मोर्चा लेने वाली एकमात्र विश्वसनीय पार्टी है, जिसे मजबूत करना समय की मांग है।
गौरतलब है कि कैबिनेट मंत्री चंदन राम दास के दुर्भाग्यपूर्ण निधन से बागेश्वर सीट रिक्त हुई है और यहाँ उप चुनाव होना है।