ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा में जीरो प्वाइंट पर किसानों और अधिकारियों के बीच एक घंटे तक चली वार्ता बुधवार को विफल हो गई। इसके बाद किसानों ने धरना जारी रखने का निर्णय लिया। किसानों ने कहा कि यह धरना फिलहाल जीरो प्वाइंट पर जारी रहेगा। संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को होने वाली बैठक के बाद तय होगा कि धरना जीरो प्वाइंट पर जारी रहेगा या दलित प्रेरणा स्थल पर स्थानांतरित किया जाएगा।
मंगलवार को 123 किसानों को जेल भेजे जाने के बाद ग्रामीणों में भारी गुस्सा था। देर शाम किसान नेता राकेश टिकैत ने जीरो प्वाइंट पर पंचायत करने का ऐलान किया। इस ऐलान के बाद पुलिस ने टप्पल में टिकैत को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, उनके बेटे गौरव टिकैत जीरो प्वाइंट पर पहुंच गए, जहां किसानों की भारी भीड़ देखकर पुलिस प्रशासन असमंजस में पड़ गया।
गौरव टिकैत ने स्पष्ट कर दिया कि बातचीत तभी शुरू होगी जब जेल भेजे गए किसानों को रिहा किया जाएगा। किसानों के दबाव में आकर प्रशासन ने कागजी कार्रवाई पूरी कर सभी किसानों को जेल से रिहा कर दिया।
किसानों की मुख्य मांगें किसानों को उनकी अधिग्रहित जमीन लौटाई जाए। मुआवजा बढ़ोतरी: मुआवजे में 64.7% अतिरिक्त राशि का भुगतान किया जाए।2013 भूमि अधिग्रहण कानून: किसानों को इस कानून के तहत सभी लाभ प्रदान किए जाएं। आवास और रोजगार: भूमिहीन किसानों को आवासीय भूखंड और बेरोजगार युवाओं को स्थानीय कंपनियों में नौकरी दी जाए। प्राथमिकता: स्थानीय स्कूलों और अस्पतालों में किसानों के परिवारों को प्राथमिकता दी जाए।
संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को बैठक के बाद धरने की दिशा तय की जाएगी। किसानों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा।