लखनऊ | समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सांसद रेवती रमण ंिसह के पुत्र उज्जवल रमण ंिसह ने मंगलवार को सपा से किनारा कर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। उन्हे प्रयागराज लोकसभा क्षेत्र से ‘इंडिया’ समूह का प्रत्याशी बनाये जाने के पूरे आसार हैं।
कांग्रेस के प्रदेश कार्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं प्रदेश प्रभारी अविनाश पाण्डेय, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय एवं कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता श्रीमती आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ की मौजूदगी में उन्हे कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता ग्रहण करायी गयी।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि श्री ंिसह को कांग्रेस प्रयागराज से गठबंधन प्रत्याशी बना सकती है और इसकी औपचारिक घोषणा जल्द ही किये जाने की संभावना है। गौरतलब है कि यूपी में इंडिया समूह के सीट बंटवारे में प्रयागराज सीट कांग्रेस के हिस्से में आयी है।
इस अवसर पर श्री ंिसह ने सपा से अनबन से इंकार करते हुये कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से उनके रिश्ते काफी अच्छे हैं। लोकसभा के टिकट के लिये सपा छोड़ने के सवाल पर उन्होने कहा कि आज का दौर बहुत कठिन है, संविधान खतरे में ही नहीं है खतरा दिखने लगा है। इस दौर में समान विचारधारा के सभी लोगों को एक साथ एकजुट होकर लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़नी है। इस महासमर में जननायक राहुल गांधी के कंधे से कंधा मिलाकर मैं भी इस लड़ाई में साथ देने के लिए प्रतिबद्ध हूं।
इस अवसर पार्टी महासचिव अविनाश पाण्डेय ने इशारा किया कि श्री ंिसह को प्रयागराज से गठबंधन का कांग्रेस प्रत्याशी बनाया जायेगा।
श्री पांडे ने कहा कि श्री राहुल गांधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा से प्रभावित होकर जिस प्रकार से लगातार राजनीतिक दलों के नेता कांग्रेस में अपनी आस्था दिखा रहे हैं। हमें पूरा विश्वास है कि लोकसभा चुनाव में इंडिया गठबंधन की बड़ी जीत होगी। श्री अजय राय ने कहा कि हमारे देश एवं लोकतंत्र को बचाने के लिए इंडिया गठबंधन के सभी दलों के नेता एकजुट हैं। आज जिस तरह से देश में नफरत एवं विघटन की राजनीति हो रही है। महंगाई और बेरोजगारी की मार झेलती इस देश की जनता भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों को समझ चुकी है। और अब देश का जनमानस बदलाव का मन बना चुका है, ऐसे में हम सभी को एक साथ मिलकर कर युद्धस्तर पर काम कर रहें हैं और निश्चित ही 2024 में देश में इंडिया गठबंधन की सरकार होगी।
श्रीमती आराधना मिश्रा ‘‘मोना’’ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रदेश की महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल रही है। महिला अपराध में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है।