रामपुर | रामपुर लोकसभा सीट के लिये बुधवार को पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के करीबी मोहिबुल्लाह नदवी और पूर्व सांसद आजम खान के करीबी आसिम राजा ने अपना अपना अपना नामांकन कराया है। साथ ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने भी सपा की ओर से पर्चा दाखिल किया है।
तीनों प्रत्याशी ने अपनी जीत का दावा किया है। आखिर सपा की ओर से कौन उम्मीदवार होगा इस का फैसला अब 30 मार्च को होगा।
रामपुर में सपा की ओर दो लोगों ने नामांकन कराया है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मौलाना मोहिबबुल्लाह नदवी को नामांकन पत्र देकर रामपुर भेजा, साथ ही उन्हें ंिसबल भी देने की बात की जा रही है। वहीं आजम खान के करीबी रहे लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी रहे आसिम राजा ने भी अपना नामांकन कराया है। इसके अलावा सपा से ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने भी नामांकन कराया है।
रामपुर की तहसील स्वार के गांव रजÞा नगर से तुर्क बिरादरी के मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने भी सपा से चुनाव लडने के लिए दावा ठोक दिया है। अखिलेश ने उन्हें ंिसबल दे दिया है।
रामपुर सीट पर प्रत्याशी को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच सपा ने मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी को मैदान में उतारा है। इस सीट पर मामला सुलझाने के लिए खुद प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल रामपुर पहुंचे।
मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी दिल्ली की पार्लियामेंट स्ट्रीट की मस्जिद के इमाम हैं और वह मूल रूप से रामपुर की तहसील स्वार के रजÞा नगर के ही रहने वाले हैं। रामपुर के तुर्क समुदाय में उनकी अच्छी खासी पहुंच मानी जाती है। करीब 15 साल से वह पार्लियामेंट की जामा मस्जिद के इमाम हैं।
वहीं आजम के करीबी सपा के स्थानीय नेता और पूर्व लोकसभा और विधानसभा प्रत्याशी रहे आसिम राजा भी नामांकन कराने पहुंचे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आजम और अखिलेश गुट के प्रत्याशी ने अपना अपना नामांकन कराया है।
इसके अलावा सपा से ही पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हाफिज अब्दुल सलाम ने भी नामांकन कराया है। हाफिज अब्दुल सलाम पिछले कई वर्षों से राजनीति में सक्रिय हैं। कभी आजम खान के करीबी तो कभी अदावत में भी रहे हैं। आजम खान से उनकी दुश्मनी और दोस्ती दोनों जग जाहिर है। ऐसे में उनके द्वारा नामांकन कराना भी सपा में गुटबंदी की ओर इशारा करता है।