सहारनपुर | गजवा-ए-ंिहद को लेकर दारूल उलूम देवबंद की वेबसाइट पर विवादास्पद फतवे को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के पत्र पर कार्रवाई किए जाने की मांग पर सहारनपुर जिला पुलिस प्रशासन ने गहराई से जांच-पड़ताल की है लेकिन दो दिन बीत जाने पर भी इस संबंध में कोई मुकदमा दारूल उलूम के खिलाफ दर्ज नहीं किया।
जिलाधिकारी दिनेश चंद्र और एसएसपी डा. विपिन टाडा के निर्देश पर एसडीएम देवबंद अंकुर वर्मा और सीओ अशोक शिशोदिया ने इस फतवे के संबंध में दारूल उलूम के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नौमानी और नायब मोहतमिम मौलाना अब्दुल खालिक मद्रासी से बातचीत की थी, जिन्होंने अधिकारियों के समक्ष अपना पक्ष रख दिया था और फतवे के संबंध में विस्तार से जानकारी दी थी। पुलिस अधीक्षक देहात सागर जैन ने शुक्रवार शाम इस संबंध में पूछे जाने पर बताया कि कोई एफआईआर नहीं हुई है। जांच अभी जारी है।
दूसरी ओर इस संबंध में कानून के जानकारों का स्पष्ट कहना है कि जो विषय राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने उठाया है उसमें किसी तरह के कानून का उल्लंघन जैसी कोई बात कहीं दिखाई नहीं पड़ती है। दारूल उलूम ने 15 साल पूर्व किसी व्यक्ति द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देना कानून का उल्लंघन का मामला नहीं है।