प्रयागराज | पड़ोसी राज्यों उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा का असर तीर्थराज प्रयाग में नजर आने लगा है। दोनो नदियों के जलस्तर में क्रमश: पिछले 24 घंटे के दौरान 44 और 46 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गयी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान गंगा और यमुना दोनो नदियों के जलस्तर में क्रमश: 44 और 46 सेंटीमीटर की वृद्धी दर्ज की गयी है। सोमवार को आठ बजे गंगा का जलस्तर फाफामऊ में 78.31, छतनाग में 75.06 और यमुना (नैनी) में 75.50 मीटर दर्ज किया गया था। मंगलवार की सुबह आठ बजे गंगा का फाफामऊ में गंगा जलस्तर 14 सेंटीमीटर बढ़कर 78.45 मीटर, छतनाग में 44 सेंटीमीटर की वृद्धी के साथ 75.50 और यमुना (नैनी) 46 सेंटीमीटर बढ़ोत्तरी के साथ 75.96 मीटर दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज में गंगा का 84 मीटर पर खतरे का निशान है। यहां तक अभी बाढ़ का पानी पहुंचना मुश्किल है। बावजूद इसके निचले इलाकों में सतर्कता के निर्देश जारी किए गये हैं। वर्तमान में पांच राहत शिविर तैयार कराए गये हैं। जलस्तर में अधिक वृद्धि होने पर 16 अन्य शिविर संचालित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर संगम एवं दशास्वमेध घाट पर एसडीआरएफ तैनात की गयी है। गोताखोर, जल पुलिस, एवं पीएसी बाढ़ राहत की दो कंपनियां लगाई गयी हैं। करीब 40-45 स्टीमर की व्यवस्था की गयी है।