मोतिहारी | बिहार में पूर्वीे चंपारण जिले के कल्याणपुर प्रखंड स्थित कथवलिया-बहुआरा में विराट रामायण मन्दिर का निर्माण कार्य आज भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के अवसर पर प्रारंभ हो गया।
महावीर मन्दिर न्यास की यह सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजना है। केसरिया-चकिया पथ पर कथवलिया-बहुआरा के जानकी नगर में बड़ी-बड़ी हाइड्रोलिक और अन्य मशीनें पहुंच गयी हैं। मन्दिर के कुल 3102 भूगर्भ-खंभों (पाइलों) में पहले भूगर्भ-खंभे की नींव रखी जाएगी। इसी साल नवंबर तक पाइंिलग का कार्य पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
महावीर मन्दिर न्यास के सचिव आचार्य किशोर कुणाल ने बताया कि वर्ष 2025 के महाशिवरात्रि तक मन्दिर में विश्व के सबसे बड़े शिवंिलग की स्थापना हो जाएगी। उस वर्ष के आखिर तक विराट रामायण मन्दिर बनकर तैयार हो जाएगा। मन्दिर के कुल 12 शिखरों की साज-सज्जा में और दो वर्ष लगेंगे। उन्होंने बताया कि विराट रामायण मन्दिर तीन मंजिला होगा। मन्दिर में प्रवेश के बाद प्रथम पूज्य विघ्नहर्ता भगवान गणेश के दर्शन होंगे। वहां से बढ़ते ही काले ग्रेनाइट की चट्टान से बने विशाल शिवंिलग के दर्शन होंगे। चेन्नई के निकट महाबलिपुरम में 250 टन वजन के ब्लैक ग्रेनाइट पत्थर की चट्टान को तराशकर मुख्य शिवंिलग के साथ सहस्रंिलगम भी बनाया जा रहा है।