सहारनपुर | दारूल उलूम देवबंद के सदर मुदर्रिस एवं जमीयत उलमाए ंिहद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने मंगलवार को बयान जारी कर कहा कि मुसलमान समान नागरिक संहिता लागू किए जाने को बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे क्योंकि यह मौलिक अधिकारों के विरूद्ध है।
मौलाना मदनी ने कहा कि भारत एक सेक्यूलर देश है। जहां सभी धर्मावंलबियों को धार्मिक स्वतंत्रता है। इसलिए समान नागरिक संहिता को लागू किया जाना देशहित में नहीं होगा।
उन्होंने कहा कि जमीयत उलमाए ंिहद धार्मिक मामलों में सरकार के दखल को स्वीकार नहीं करेगी लेकिन हम इसका विरोध सड़कों पर उतरकर नहीं बल्कि संविधान के दायरे में करें।