श्रीनगर | सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिरीक्षक अशोक यादव ने शनिवार को कहा कि इस साल अमरनाथ यात्रा को शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
आईजी बीएसएफ ने शनिवार को श्रीनगर में ट्यूलिप गार्डन से निशात तक वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किया था। उन्होंने इस दौरान अलग से संवाददाताओं से कहा, "सभी सुरक्षा एजेंसियां एक साथ एक समन्वित योजना बना रही हैं और बीएसएफ को जो भी भूमिका दी जा रही है, वह अमरनाथ यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारू संचालन को सुनिश्चित करेगी।" उन्होंने कहा कि 62 दिनों तक चलने वाली अमरनाथ यात्रा एक जुलाई से शुरू होगी और 31 अगस्त 2023 को समाप्त होगी।
महानिरीक्षक ने कहा कि अमरनाथ यात्रा विभिन्न एजेंसियों का एक समन्वित प्रयास है, जो जम्मू-कश्मीर सरकार और जेके पुलिस के समग्र आदेश के तहत कश्मीर में काम कर रही हैं।
उन्होंने कहा, "आगामी अमरनाथ यात्रा की तैयारी शुरू कर दी गई हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि यात्रा शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जाए।" आईएफ बीएसएफ ने कहा कि बीएसएफ में अत्याधुनिक हथियारों से लैस आपदा प्रबंधन की अलग-अलग टीमें तैयार की जा रही हैं, जिन्हें यात्रा अवधि के दौरान दुर्घटना या किसी प्राकृतिक आपदा सहित किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रणनीतिक स्थानों पर रखा जाएगा।
आईजी बीएसएफ ने कहा कि मौसम में सुधार और नियंत्रण रेखा पर (एलओसी) पर विभिन्न स्थानों पर बर्फ पिघलने से कुछ कमजोर मार्ग दिखाई दे रहे हैं, जिससे घुसपैठियों की आशंका बढ़ सकती है, लेकिन बीएसएफ अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ यह सुनिश्चित करेगा कि घुसपैठ की हर संभव कोशिश को नाकाम कर दिया जाए। उन्होंने कहा, "बीएसएफ सीमा पार से घुसपैठ की किसी भी कोशिश को नाकाम करने के लिए नियंत्रण रेखा पर लगातार पहरा दे रहा है।" महानिरीक्षक ने कहा, "सीमा पार के लोग आतंकवाद या नार्को आतंकवाद या हथियारों की तस्करी को जारी रखने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन हमारे बल उनके मंसूबों को नाकाम करने के लिए हर संभव उपाय कर रहे हैं। बल किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं। आतंकवाद को हराने और नार्को-आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए, हमारे जवानों का मनोबल ऊंचा है और वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।
